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प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है और होने पर क्या करें? जानें सही उपाय - Sushain

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है और होने पर क्या करें? जानें सही उपाय - Sushain

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन

प्राइवेट पार्ट यानी जननांग शारीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसकी स्वच्छता बहुत जरूरी है।लेकिन अच्छे से सफाई न हो तो प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन होता है और साथ में हार्मोनल इंबैलेंस  भी। प्राइवेट पार्ट में ईफिक्शन पुरुष और महिला दोनों मै होता है। और समय मै इसका इलाज करना चाहिए ताकि और गंभीरा बीमारी ना हो।

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है?

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है उसके कई कारण है जैसे

अस्वच्छता – प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है उसका  कारण है प्राइवेट पार्ट को  साफ ना करना या गंदे ,गिले कपड़े पहना जिसे बैक्टीरिया  इन्फेक्शन उत्पन्न होते है।
फंगल इन्फेक्शन – यह योनि या लिंग के आसपास उत्पन्न होता है । यह ज्यादा गर्मी की वजह से होता है ।
STD – प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है उसका सबसे बड़ा कारण है असुरक्षित यौन संबंध जिसे HIV, gonorrhoea, हर्पीज जैसे रोग उत्पन्न होते है ।
हार्मोनल बदलाव – महिलाओं मै महावारी, प्रेग्नेंसी , मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल चेंजेज होते है जिससे प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन होने की संभावना है।
बाहरी रसायन का उपयोग – प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है उसमें स्प्रे या वेजाइनल वोश का अधिक इस्तेमाल करने से प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन जल्दी होता है । और लंबे समय तक सैनिटरी पेड के इस्तेमाल से भी इन्फेक्शन होता है।

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन के लक्षण

महिलाओं – 

  • योनि में खुजली या जलन
  • सफेद, पिला या हरा डिस्चार्ज 
  • पेशाब करते वक्त जलन
  • योनि से गंध 
  • योनि संबंध मै दर्द

पुरुष – 

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो तो क्या करें?

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो तो क्या करें कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखें जैसे – 

  • स्वच्छता बनाए रखे – रोजाना स्नान करे, प्राइवेट पार्ट को अच्छे से साफ करे । 
  • कॉटन कपड़े पहने – प्राइवेट पार्ट के लिए कॉटन कपड़े का इस्तेमाल कीजिए । 
  • यौन संबंध में सुरक्षा अपनाए
  • सुगंधित उत्पादों से बचे – योनि या लिंग पर स्प्रे, टेलकम पाउडर, परफ्यूम का उपयोग न करे ।
  • पानी का अधिक सेवन करे – जिससे टॉक्सिन बाहर होते है और इन्फेक्शन नहीं होता ।

आयुर्वेदिक उपचार – 

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो तो क्या करें – इसके लिए आयुर्वेदिक उपचार सबसे लाभदायक है। आयुर्वेदिक औषधि, पंचकर्म से प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन को कम किया जा सकता है । 

आयुर्वेदिक औषधि – 

नीम – नीम मै एंटी बैक्टिरियल,एंटी फंगल, जैसे गुण होते है जो खुजली , जलन और संक्रमण को कम करता है।
त्रिफला – यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है , और शरीर को शुद्ध बनाता है।
लोध्र – यह एक स्त्री रोग नाशक औषधि है। योनि मै जलन, सूजन और सफेद पानी मै लाभदायक है।
गुडुची – यह खून को साफ करता ही और इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है। गुडुची इम्युनिटी को बढ़ाने मै भी मदद करता है।
हरिद्रा – इसमें एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण है जो इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करता है।

पंचकर्म – 

योनिप्रक्षलना – आयुर्वेद मै यह एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें योनि को धुला जाता है कषाय जैसे जिसमें नीम,लोध्र,और त्रिफला जैसे औषधि का प्रयोग किया जाता है।

आहार और दिनचर्या 

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन मै  आहार का भी मुख्य योगदान है । सही आहार खाने से इन्फेक्शन नहीं होता ।

क्या खाएं – 

  • ताजे फल और हरि सब्जियां 
  • अधिक पानी या नेचरल जूस का सेवन 
  • प्रोबायोटिक्स जैसे दही, छास का सेवन करना चाहिए 
  • हल्दी , अदरक, तुलसी  का सेवन करना चाहिए 

क्या नहीं खाएं

  • मसालेदार या तला हुआ भोजन 
  • अधिक मीठा 
  • शराब और धूम्रपान 
  • बासी और गंधा खाना

सावधान रहे !!

  • प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन न हो इसलिए सावधानी रखे जैसे 
  • गुनगुने पानी से प्राइवेट पार्ट को साफ करे ।
  • यौन संबंध के बाद प्राइवेट पार्ट को साफ करे ।
  • टाइट कपड़े और गिले कपड़े का उपयोग न करे । 
  • व्यक्तिगत साफ सफाई का ध्यान रखें ,खासकर महावारी के समय ।

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निष्कर्ष –

प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन एक आम लेकिन गंभीर समस्या हो सकती है अगर समय रहते उसका इलाज न किया जाए तो। आयुर्वेद इसका प्राकृतिक, सुरक्षित, और असरदार उपाय बताता है। प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन क्यों होता है उसके कारण पर भी आयुर्वेद पहला काम करता है। प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो तो क्या करें – औषधि , स्वच्छता, सही खान पान से इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने के लिए यौन स्वच्छता को जरूर अपनाए।


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